पर्यटन

बांदा भारत के उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर एवं लोकसभा क्षेत्र है। केन नदी केट तट पर स्थित हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र के  इस शहर का नाम महर्षि वामदेव के नाम पर है। बाँदा महर्षि वामदेव की तपोभूमि है। सड़क मार्ग एवं रेल मार्ग द्वारा अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है।बाँदा एक एतिहासिक शहर एवं जनपद बाँदा जिले का मुख्यालय भी है। बाँदा के चारो तरफ अनेक पर्यटन स्थल हैं। चित्रकूट यहां से करीब 65 किमी, कालिंजर करीब 70 किमी, खजुराहो 140  किमी , पन्ना 130 किमी है।बांदा केन नदी-तल से प्राप्त गोमेद रत्नों तथा सेजर पत्थर (केन नदी में शजर पत्थर पाया जाता है जिसमे प्राकृतिक रूप से प्राकृतिक दृश्य बने रहते हैं) के लिए प्रसिद्ध है, जिनका निर्यात किया जाता है। विभिन्न पर्यटन स्थल के साथ ही यहां पर  कृषि विश्वविद्यालय,राजकीय  मेडिकल कॉलेज ,राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज ,राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं।यहां के प्रमुख मंदिरों में माँ महेश्वरी देवी का सात खंड का मंदिर,संकट मोचन मंदिर,माँ काली देवी मंदिर आदि प्रमुख हैं, वामदेवेश्वर मन्दिर आदि प्रमुख हैं।शहर के बाहर 18वीं शताब्दी का ऐतिहासिक किला  कालिंजर  दुर्ग  स्थित है।